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बामसेफ के केन्द्रीय कार्यकारिणी सदस्य आलोक कुमार का निधन

कटिहार: बामसेफ संगठन के निवर्तमान केन्द्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं बिहार राज्य प्रभारी मूलनिवासी यशकाची एस के आलोक कुमार के आकस्मिक निधन से संगठन सहित समाज में शोक की गहरी लहर दौड़ गई है। उन्होंने पटना एम्स में अंतिम सांस ली। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 12 जनवरी को दिवंगत आलोक कुमार अपने साथी कुंदन प्रभात के साथ प्रतिदिन की तरह मोटरसाइकिल से विद्यालय जा रहे थे।
इसी दौरान रास्ते में सड़क दुर्घटना हो गई। इस हादसे में बामसेफ नवादा जिला कमेटी के सदस्य कुंदन प्रभात का घटनास्थल पर ही निधन हो गया। जबकि आलोक कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद उन्हें इलाज के लिए पटना एम्स में भर्ती कराया गया, जहां वे लगातार पांच दिनों तक जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष करते रहे। अंततः उन्होंने देह त्याग दिया। आलोक कुमार पेशे से शिक्षक थे और सामाजिक आंदोलन के प्रति पूर्णतः समर्पित एक ईमानदार, कर्मठ और जुझारू कार्यकर्ता के रूप में उनकी पहचान थी। संगठनात्मक जीवन में उन्होंने बामसेफ नवादा जिला अध्यक्ष, इसके बाद बिहार प्रदेश अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। वर्तमान में वे बामसेफ केन्द्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं बिहार राज्य प्रभारी के पद पर कार्यरत थे।
इस घटना पर केन्द्रिय कार्यकारिणी की तरफ से एक शोक संदेश जारी किया गया। यह शोक संदेश राष्ट्रीय महासचिव रमा शंकर जी के हस्ताक्षर से एक पत्र के द्वारा जारी किया गया है। जो निम्नलिखित है _

मू. आलोक कुमार निवर्तमान सीईसी सदस्य एवं प्रभारी बिहार. बामसेफ का आज 17 जनवरी को सुबह 5 बजे परिनिर्वाण हो गया है। आप पेशे से शिक्षक थे। 12 जनवरी को आप आपने साथी मू. कुंदन प्रभात के साथ मोटरसाईकिल पर रोज की तरह स्कूल जा रहे थे रास्ते में एक्सीडेंट हो गया। मू. कुंदन प्रभात जो कि बामसेफ नवादा जिले कमेटी में सदस्य के पद पर थे, उनका घटना स्थल पर ही परिनिर्वाण हो गया।

पटना एम्स में मू. आलोक 5 दिन तक मौत से लड़ते रहे, पांचवे दिन 17 जनवरी को आपका परिनिर्वाण हो गया। आप बामसेफ संगठन नवादा जिले जिलाध्यक्ष, फिर बिहार राज्य के प्रदेश अध्यक्ष रहे। वर्तमान में आप बामसेफ की केन्द्रीय कार्यकारिणी के सदस्य तथा बिहार राज्य के प्रभारी थे। आपके परिवार में एक बेटा और एक बेटी. पत्नी तथा विधवा मां है।

मू. आलोक कुमार संगठन के बहुत ही ईमानदार एवं कर्मठ कार्यकर्ता थे। आपके निधन से संगठन एवं समाज दुखी है। संगठन का एक कर्मठ कार्यकर्ता हमको छोड़ कर चला गया जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती। शोक संतप्त परिवार को हम ढांढस बंधाते हैं कि इस दुःखद घड़ी में बामसेफ एवं इसके सभी ऑफशूट उनके साथ खड़े हैं। मू. यशकायी आलोक कुमार की यादें संगठन में सदा जीवन्त रहेगी। बामसेफ एवं इसके सभी आफशूट की ओर से हम मू. यशकाची आलोक कुमार को भावभीनी आदरांजलि अर्पित करते हैं।

रमा शंकर
( राष्ट्रीय महासचिव, बामसेफ, दिल्ली.)

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